सोने के अंडे देने वाली मुर्गी और व्यापारी:-
चलो आज एक कहानी सुनते हैं "लालच बुरी बला है" ये तो आपने सुना ही होगा! एक गांव में एक व्यापारी था जो कि अंडे बेचता था!
उसके पास बहुत मुर्गी थी जोकि अंडे देती थी और वो उन अंडो कों लेजाकर बेच देता था! जिससे उसकी दिनचर्या चलती थी!
कुछ समय बीत गया, बहुत साल हो गए! और उसके हाथ ऐसी मुर्गी लगी जो कि रोज़ एक सोने का अंडा देती थी!
अब व्यापारी को ये सब देखकर बहुत प्रसन्नता हुई की सोने के अंडे!
अब वह मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देती और व्यापारी रोज़ उसे लेजाकर बाज़ार में बेच देता!
ऐसा करते करते बहुत दिन हो गए! व्यापारी को लालच होने लगा कि ये मुर्गी एक बार में ही सारे सोने के अंडे क्यों नहीं दे देती!
उसने एक मन बनाया गया कि इसके पेट में सारे अंडे रखे हैं! क्यों न इसके पेट को चीर कर अंडे निकाल लिया जाए!
अब क्या व्यापारी ने अपने लालच से बेकाबू होकर, मुर्गी का पेट चीर दिया! और देखने लगा कि अंडे कहा रखे हैं!
अब मुर्गी मर गई और मुर्गी के पेट में। अंडे भी नहीं मिले!
अब व्यापारी को बड़ा सदमा लगा कि पहले तो फिर एक सोने का अंडा देती थी अब तो वो भी नही रहा!
व्यापारी कहता कि मेरे इस लालच कि वज़ह से सब बर्बाद हो गया!
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ऐसे लोगो के बारे में कुछ कथन हैं कि "समय से पहले और बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता"
🇮🇳🇮🇳🇮🇳Jai Hind 🇮🇳🇮🇳🇮🇳


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