Top 10 hindikahani:-
(1) तुम क्या जानो समय कि कीमत:-
आज हम समय के विषय मे बात करेंगे! आज आपको पता ही के आज के लडके लडकि, बच्चे, और युवा साथी ये सब लोग यह नही जानते की समय क्या है!
आज कल हर कोई समय को यूही निकाल देता है जैसे ये समय हमें कल फिर मिलेगा!
अगर आप नही जानते की समय कि किमत क्या हैं तो जाईए उन लोगो के पास जो जीवन की कई कठिनाइयों से जुंज रहे हैं लड़ रहे हैं!
जैसे उन लोगो के पास जाइए,जिन्हे ज़िंदगी में 2 हार्ट अटैक आ चुके हैं और पता नहीं तीसरा किस दिन आजाए!
भगवान ना करें ऐसा किसी के साथ हो, परंतु उनसे एक बार जाकर पूछना वो क्या कहेंगे!
वो तुम्हे दो मिनट की कीमत बता देंगे! और नहीं तो उनके पास जाइए जिन्हे कैंसर है
कितने तड़फड़ाते रहते है किसी के खुन में, तो किसी के बाल में और ना जाने कितनी ऐसी बीमारियां है!
और आज हम लोग अपने समय कि कद्र ना करते हुए ना जाने सोकर जब उठते हैं! हम सही से अपनी फैमिली के पास भी नहीं रहते है!
आप हमेशा अपने पर ना घमंड ना करे, अगर हो सके तो आप अपनी तरफ से हर इंसान का साथ दे,
"अगर कोई आपके साथ बुरा करता है तो ये उसका कर्म है,
लेकिन हम किसी के साथ अच्छा करे ये हमारा धर्म है!"
मानता हूं जीवन सब अपना ही पसंद करते हैं! लेकिन उन लोगो के बारे में सोचो जिन्हे हाथ नसीब नहीं होता, जिन्हे पैर नसीब नहीं होता,जिन्हे आंख नसीब नहीं होती, जिन्हे ज़िंदगी नसीब नहीं होती जरा उनके बारे में सोचना!
फ़िर हम क्या चीज़ है हमें तो भगवान दिया सब कुछ है! आंख है, कान हैं, हाथ है, पैर है! हमारे पास क्या नही है हमें तो सिर्फ़ कर्म ही तो करना है
कुछ भी पाने के लिए हमें कर्म तो करना ही पड़ेगा! फ़िर चाहे वो सरल हो या कठिन हो!
हमारा क्या हैं ज़िंदगी में सब उपर वाले का ही तो है उसी ने हमें दिया है! कि तुम अच्छा करो, दूसरों को भला करे!
बस भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि आप सब संतुष्ट रहे और बढ़िया रहे!
यह एक inspirational story हैं यानी प्रेरणा दायक कहानी है!
🇮🇳🇮🇳🇮🇳Jai Hind 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
(2) नहीं जानता सच है या झूठ:-
चलो आज एक और कहानी पड़ते हैं! कहा जाता है कि पहले हमारे दादा दादी, नाना नानी हमे कहानियां सुनाते थे! लेकिन एक कहानी ऐसी भी हैं! जिसे सायद कोई सच मानता हो या कोई झूठ! यह तो मुझे भी नहीं पता कि मैं इसे सच मानु या झूठ!
चलो चलते हैं उस कहानी कि ओर क्या वो सच मे सच है या झूठ है! ऐसा कहा जाता है कि बहुत पहले यानी कई सदियों पहले आसमान नीचे हुआ करता था! आसमान धरती से ज्यादा उपर नहीं था!
कहा जाता है की जब एक दिन इतना छोटा होता था कि दिन पुरा काम नहीं हो पाता था! और दूसरा दिन हो जाता था! तो लोग इससे तंग आ गए थे!
इसलिए उन्होंने श्राप दिया था! कि तुम बहुत उपर चले जाओ! और तभी से आसमान इतना उपर चला गया ! और अब दिन कितना बड़ा होता हैं!
ये सब सुना है हमने अपने बचपन में, क्या आप इसे सच मानते हैं या ग़लत वो आप पर निर्भर करता है!
(3) एक राजा की कहानी
एक गांव में एक राजमहल था! उस राजमहल में बहुत सारे लोग रहते थे! उन्हीं में एक ऐसा व्यक्ति था!
🇮🇳🇮🇳🇮🇳Jai Hind 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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