जादुई चक्की :-



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एक गांव में दो भाई रहते थे! एक नाम मोहन और दुसरे का सोहन था! पिता की मृत्यु हो चुकी थी! पिता की मृत्यु के बाद घर संपत्ति का बटवारा दोनो भाईयो है होना था! परंतु ऐसा ना करते हुए मोहन ने पिता की पूरी संपत्ति रख ली और सोहन को सिर्फ़ एक रहने के लिए घर ही दिया!


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सोहन के पास वैसे ही कुछ नही था और वह काम की तालाश में भटकता रहता था! वही दूसरी ओर मोहन था कि जो बड़े आराम की जिंदगी जीता था!


ऐसे ही कुछ दिनों में दीपावली आ गई! अब क्या सोहन के पास मिठाईयां तो क्या घर खाने का अनाज भी नही था! वही दूसरी ओर मोहन के घर लोगो ने नए नए कपड़े पहने थे बच्चे बीवी फटाके चला रहे थे! वे सभी बड़ी धूम धाम से दीपावली का जश्न मना रहे थे और बहुत मिठाईयां बनी थी साथ ही कई तरह के पकवान भी बने थे! जबकि दीपावली के दिन सोहन के घर सभी भूखे मर रहे थे!


उस दिन सोहन अपने भाई मोहन के पास गया और बोला भईया मैरी मदद करो मुझे काम नहीं मिल रहा और मेरे घर में कुछ भी खाने को नहीं है! और मेरे बीवी बच्चे सभी भूख से मर रहे हैं! आप कुछ करे! बड़े भाई ने इंकार कर दिया! सोहन फिर बोलता है कि भईया मुझे पिताजी की संपत्ति का हिस्सा देदो मेने आज आपसे नही मांगा! आज मुझे उसकी जरूरत है! बड़ा भाई कहता देखो सोहन ये सब मेने कड़ी मेहनत करके कमाया है! और मैं तुम्हारी कोई सहायता नही कर सकता! बस अब जाओ तुम यहा से!

बेचारा सोहन ये सब सुनकर वहा से निकल जाता और जाते जाते सोचता है मुझे कुछ काम खोजना होगा वरना मेरा परिवार भूख से मर जायेगा! इसी बीच एक बूढ़ी उसे दिखती हैं और उस बूढ़ी के साथ एक लकड़ी का गिट्ठा होता है ये देखकर सोहन सोचता है कि में इस बुढ़िया की मदद करदू सायदमुझे कुछ पैसे मिल जाए! वो उस बुढ़िया औरत के पास जाता है! और बोलता है क्या मैं तुम्हारी मदद करू इसके बदले आप मुझे कुछ दे देना! बुढ़िया बोलती हैं क्यों नहीं!


बुढ़िया वे दोनों,बुढ़िया के घर पहुंच जाते हैं और बुढ़िया बोलती हैं तुम परेशान से क्यों दिखाई दे रहे हो! सोहन बोलता क्या बताओ माताजी घर मे खाने को कुछ नहीं और घर में सब भूखे मर रहे हैं! बुढ़िया उसे अपने काम के बदले में एक मालपुआ दे देती है! वो उसे देखकर हैरान हो जाता और बोलता माताजी इससे क्या होगा! बुढ़िया बोलती है इसे लेकर तुम इधर सीधे चले जाओ तुम्हें आगे जाकर चार विशाल पेड़ दिखेंगे उनसे आगे एक गुफा दिखेगी तुम उसमें चले जाना! वहा तीन बोने रहते जिन्हें मालपुआ बहुत पसंद है वे इसे देखते ही तुमसे मांगेंगे तुम इसके बदले में चक्की मांग लेना! 

जादुई

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फ़िर क्या सोहन वहीं करता है जों बुढ़िया कहती हैं! और वो वहा चला जाता हैं और उन बोनो से वो चक्की भी ले लेता है! उनमें से छोटा बोना बोलता है ये एक जादुई चक्की हैं! इसे ऐसे ही मत समझना! तुम इससे जो मांगोगे ये वहीं तुम्हें देगी! और जरूरत खतम होने पर तुम इस पर रंग का कपड़ा डाल देना जिससे ये बंद हो जाएगी! सोहन वहा से चक्की लेकर सीधे रवाना हो जाता हैं!


चक्की को घर लेकर वो एक चटाई बिछाकर फिर चक्की से कहता है चक्की चक्की चावल निकाल चक्की उसे सब देती है और वो इनसे अपना भोजन बनाकर भर पेट खाना खाकर सो जाते हैं! फिर वे चक्की से जरूरत मंद चीज़े लेने लगे! और उनका व्यापार करने लगे! जिससे सोहन के पास पैसे आने लगे! धीरे धीरे सोहन अमीर होने लगा! उसने अपने जरूरतमंद चीज़े खरीदी और अपना भरण पोषण करने लगा! सोहन ने अपना नया घर भी बना लिया! अब ये सब देखकर मोहन सोचने लगा कि कल ये तो मुझसे खाने को मांग रहा था और अचानक ये इतना अमीर कैसे हो गया!


मोहन इसी के चलते एक दिन सोहन के घर दावत के लिए आता है और दावत के बाद वह बाहर जाकर खिड़की के पास छुप जाता हैं! फिर सोहन चक्की चलाता है वो सब प्रक्रिया मोहन देख लेता है! मोहन,सोहन के बाहर जाते ही घर में घुसकर वह चक्की ले जाता हैं! घर जाकर मोहन बीवी बच्चों से कहता कि जल्दी से समान जमा लो हम यह गांव छोड़कर जा रहे हैं! घर के लोग आश्चर्य रह जाते कि अचानक इन्हें क्या हुआ! 


मोहन का पुरा परिवार घर छोड़कर चला जाता हैं! फ़िर मोहन एक नाव ख़रीद लेता है! और अपने परिवार को लेकर नदी के। रास्ते निकल पड़ता हैं! घर वालो को तस्सली देने के लिए वो चक्की से कहता है चक्की चक्की नमक निकाल, चक्की से नमक निकलने लगता हैं मोहन को चक्की रोकने का उपाय नही आता! चक्की सेनमक निकलता रहता है! उससे चक्की तो आता ही नहीं था, धीरे धीरे वे सब डूबने लगते हैं! इसीलिए कहा जाता हैं समुंदर का पानी आज भी खारा है!


शिक्षा :-


हमे कभी भी लालच नही करना चाहिए! इसीलिए कहते हैं कि लालच बूरी बला है!

FAQ:- 


•अगर आप मोहन की जगह होते तो आप क्या करते!

•अगर आप सोहन की जगह होते तो आप क्या करते!

•आपका क्या रिएक्शन होता जब एक भाई अमीर हो और दूसरा गरीब हो

•अगर आपसे कोई गरीब कुछ भी मांगे तो आप क्या करेंगे!

•क्या आप त्योहार के दिन किसी गरीब को कुछ देंगे या नहीं!

•क्या आप भी मोहन की तरह अपने भाई को उसका हिस्सा नही देंगे!