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सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी
ऐसे में ही एक दिन किसान का मित्र उसे मिलता है! और उनकी आपस में काफी वार्तालाप होती हैं! किसान की ये हालत देखकर उसका मित्र उसे खेती के मुर्गी पालन का सुझाव देता है! किसान को मित्र की यह बात सुनकर काफी प्रसन्नता होती है! पहले तो किसान यह सुनकर काफ़ी खुश होता हैं! लेकिन फिर किसान खामोश हो जाता है! मित्र उससे कहता है अब क्या हुआ तुम्हे! किसान अपनी ख़ामोशी से बोलता है की मेरे पास तो दो वक्त कि रोटी खाने के पैसे नही है! भला में मुर्गी पालन कैसे करूंगा!
मित्र उसे कहता है कुछ पैसे है मेरे पास, तुम ले जाओ! इससे तुम दो चार मुर्गी खरीद लेना और रोज़ उसके अंडे बेचकर अपना गुज़ारा करना, जब तुम्हारे पास अच्छे पैसे आ जाए तब मुझे मेरे पैसे वापस लोटा देना!
किसान मित्र से लिए गए पैसे को लेकर बाजार जाकर दो चार मुर्गी खरीद ले आता है! और बचे हुए कुछ पैसों से उनके लिए दाना पानी भी ले आता है! घर आकर अपनी पत्नी को आवाज लगाता है! सुनो मैं ये क्या लाया हु! पत्नी आती हैं पति उसे सब कुछ बताता है! इन मुर्गीयो को ले जाओ और इनका खयाल रखना, इन्हे दाना पानी अच्छे से देना! क्योंकि हम कल से इनके अंडो को बेचकर पैसा कमाएंगे! और यह कहकर पति खेत कि ओर रवाना हो जाता है!
किसान अपना खेत का काम करके जब घर लौटता है! तो पत्नी काफी खुश और चमकदार कपड़ो में दिखाई देती हैं! जिसके पास पहले मेले कुचिले कपड़े हुआ करते थे! घर के सभी लोग काफ़ी खुश नज़र आते है! घर में किसान को एक अलग ही झलक दिखाई देती हैं! यह सब देख कर किसान की आंखे फटी की फटी रह जाती हैं! किसान यह सब देखकर मन ही मन सोचता है! कि यह सब कैसे! जिसके घर खाने को कुछ नही था उसके घर ऐसी चमक धमक कैसे!
किसान पत्नी को आवाज़ देता है! पत्नी को पास बुलाता है और पूछता है! कि यह सब कैसे हुआ! पत्नी बड़ी खुश रहती हैं और कहती हैं! की जो आप कल मुर्गी लाए थे ये सब उसी का कमाल है! किसान बोलता है कैसे! पत्नी बताती है उन मुर्गियो में से एक मुर्गी ने सोने का अंडा दिया है! ये सुनकर किसान के होश उड़जाते हैं! किसान की पत्नी उसके हातो में नोटो की गिद्दी थमा देती है!
इंसान को कितना भी कुछ क्यों न मिल जाएं! लेकिन उसे तसल्ली कभी नही होती! इस तसल्ली की मिटान के लिए किसान सुबह से तड़कता हुआ मुर्गी के पास जा बैठता है! और देखता रहता है! उनमें से एक मुर्गी सोने का अंडा देती है! उसे देखकर किसान बहुत खुश होता है! किसान उस अंडे को हाथ में लेकर किसान अपनी पत्नी को बुलाता है! और पत्नी को बताता है! किसान पत्नी से कहता है कि अब तो हम दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन जायेंगे! उसकी पत्नी बोलती है! क्या भला कोई एक सोने के अंडे से लखपती बना है, लोगो के पास तो बहुत सोना है! हम उनसे अमीर कैसे बन सकते हैं! किसान के मन में एक दम से अमीर बनने की लालसा होती है! वह अपनी पत्नी से कहता है क्यों न एक अंडे देने वाली मुर्गी के पूरे अंडे निकाल दिए जाएं! तुम क्या कहती हो, यह सुनकर पत्नी भी लालच के झांसे में पड़ जाती है और पत्नी घर में से एक तेज़ धार चाकू निकाल लाती है! पति,पत्नी से लेकर चाकू एक बार में मुर्गी के पेट चीर देता है! मुर्गी को चीर देने के बाद उसके पेट से न कोई अंडा मिलता है और न कुछ, दोनो मूंह लटकाए बैठे थे!
सीख -
सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी से यह सीख मिलती हैं कि किसी भी मनुष्य के पास जितना धन है, उतने में ही संतोष रखना चाहिए। लालच कभी भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि लालच बुरी बला है। इसी लालच के चक्कर में न किसान को अंडा मिल पाता है और न वह अमीर बनता है! ऐसी कहानियों के ही माध्यम से हमे अच्छे बुरे का ज्ञान होता हैं!
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